नयी दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में 15.20 एकड़ में फैले जयपुर पोलो ग्राउंड से इंडियन पोलो एसोसिएशन को बेदखल करने के केंद्र सरकार के 20 मई के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करने के एक सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की।सत्र अदालत ने केंद्र के बेदखली आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसको चुनौती देते हुए यह याचिका दायर की गयी। न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर के समक्ष मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन वकीलों के काम से अलग रहने के कारण इसे टाल दिया गया। दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता को दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसका वकील विरोध कर रहे हैं और काम नहीं कर रहे हैं। इंडियन पोलो एसोसिएशन और केंद्र सरकार, दोनों की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से मामले की जल्द सुनवाई की तारीख देने का अनुरोध किया।![]()
न्यायमूर्ति शंकर ने कहा कि मंगलवार को ही याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन वकीलों के अनुरोध पर सुनवाई 12 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गयी। पीठ ने कहा, वकीलों ने खुद को काम से अलग रखा है। उनके अनुरोध पर मामले को 12 अगस्त के लिए फिर से सूचीबद्ध किया जाता है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई जुलाई में ही कर ली जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले पर सत्र अदालत में 23 जुलाई को सुनवाई निर्धारित है। न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर ने इस पर कहा, आप सत्र अदालत को इसकी जानकारी दे सकते हैं। हमने मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था। हमें नहीं पता था कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। न्यायाधीश ने कहा, हम अपनी कार्यवाही इस तरह तय करते हैं कि एक निश्चित संख्या में मामलों की सुनवाई कर सकें। लेकिन जब इस तरह की स्थिति सामने आती है, तो पूरी योजना प्रभावित हो जाती है।












