चंपत राय को बलि का बकरा नहीं बनाया गया, उन्होंने खुद इस्तीफा दिया: स्वामी गोविंददेव गिरि

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पुणे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने कहा है कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को किसी ने इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं किया। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने अपनी इच्छा से पद छोड़ा क्योंकि उन्हें अपनी लापरवाही का अहसास हो गया था। राम मंदिर से 3 करोड़ के गबन की ट्रस्ट ने की पुष्टि, जानें चंपत राय के  इस्तीफे पर क्या बोले कोषाध्यक्ष - uttamhindu.comपुणे में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि चंपत राय को मामले में बलि का बकरा बनाया गया। उन्होंने कहा, उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया। यह सच है कि उनसे लापरवाही हुई, लेकिन जब उन्हें इसका अहसास हुआ तो उन्होंने खुद पद छोड़ने का निर्णय लिया। उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। स्वामी गोविंददेव गिरि ने मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की कार्रवाई पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वह जांच से संतुष्ट हैं और ट्रस्ट की ओर से जांच को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हम किसी पर कोई दबाव नहीं डाल रहे हैं और न ही जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा करने का कोई कारण भी नहीं है। यह अपराध भगवान राम के खिलाफ किया गया है। जिन लोगों ने बुरी नीयत से यह काम किया है, उन्हें कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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