ईटानगर । अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। क्रा दादी जिले में अचानक आई बाढ़ के कारण कुमे नदी पर बना 84 मीटर लंबा महत्वपूर्ण पुल पानी के तेज बहाव में बह गया है। इस हादसे के बाद सोमवार से ही क्षेत्र के आठ गांवों का संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट गया है, जिससे वहां आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।
राज्य में मानसून की इस विभीषिका ने अब तक भारी जान-माल का नुकसान किया है। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बारिश जनित हादसों और भूस्खलन के कारण अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 अन्य लोग घायल हुए हैं। राज्य के 26 जिलों के 425 गांवों में लगभग 97,182 लोग बाढ़ की चपेट में आकर प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के चलते कृषि भूमि, फसलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। पिपसोरंग के उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) युमलाम पुलु और ताली पूर्व के जिला परिषद सदस्य रुघु तामा ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। एसडीओ युमलाम पुलु ने बताया कि पुल बहने के अलावा नदी के तेज बहाव के कारण इसके किनारों पर बने 20 से अधिक घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा परामर्शों का कड़ाई से पालन करने और उफनती नदी के पास न जाने की अपील की है। जिला परिषद सदस्य रुघु तामा ने राज्य सरकार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि बेघर और प्रभावित हुए परिवारों को बिना देरी किए तत्काल राहत और पुनर्वास सहायता पहुंचाई जाए।उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि बहे हुए पुल का युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण शुरू कराया जाए, ताकि मुख्यधारा से पूरी तरह कट चुके आठ गांवों तक राशन, चिकित्सा और अन्य आपातकालीन सहायता तेजी से भेजी जा सके।












