उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के कोटवा गांव में एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग लगते ही तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया, आग को बढ़ते देख घर में मौजूद लोगों ने जान बचाने के लिए बगल के कमरे में घुस गए। आग के कारण कमरे में धुआं भर गया। इसी धुएं के कारण चार महिलाओं सहित कुल आठ लोग बेहोश मौके पर बेहोश हो गए। काफी मशक्कत के बाद जब आग पर कुछ काबू पाया जा सका तो अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया औऱ इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन तब तक काफी देऱ हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि बेहोश हुए लोगों में 6 की मौत हो गई है। वहीं एक युवती और अन्य दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से गांव में कोहराम मचा हुआ है।

बताया जा रहा है कि कोटवा गांव में रामताजी देवी (80) पत्नी स्व. बलेसर ने गुरुमंत्र लिया था। इसी उपलक्ष्य में घर पर भोज का आयोजन किया गया था। घर पर काफी संख्या में रिश्तेदार और परिचित खाना बनाने में जुटे हुए थे। तभी दोपहर डेढ़ बजे के करीब एक सिलेंडर के लीक होने के कारण आग पकड़ ली, आग लगते ही मौके पर भगदड़ मच गई, अंदर मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। इससे पहले की लोग आग बुझा पाते कि सिलेंडर धमाके साथ फट गया, जिससे आग ने और विकराल रूप ले लिया डर के मारे लोग घर में मौजूद एक कमरे में छिप गए, ये उनके लिए काल साबित हो गया। पूरा कमरा धुएं से भर गया और बाहर जबरदस्त आग, निकलने का कोई रास्ता नहीं था। धुएं से अंदर छिपे लोग बेहोश होकर गिर पड़े। किसी तरह जब आग बुझाई गई तो अंदर फंसे लोगों को निकाला गया और एंबुलेंस से उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने मनीता (40), कविता (40) पत्नी महेंद्र, रामताजी (80) पत्नी स्व. बलेसर, तारा देवी (50) पत्नी राजाराम निवासी बद्दोपुर, अंजली (04) पुत्री हरिओम निवासी आखिरपुर, और मनीता का डेढ़ साल बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही प्रियंका (16) पुत्री महेंद्र निवासी कोटिला और एक अन्य बुजुर्ग को कहीं और भर्ती कराया गया है। इस दौरान पूरा अस्पताल परिसर परिजनों की चित्कार से गूंजता रहा। जिस किसी ने इस रौंगटे खड़ी कर देने वाली घटना के बारे में सुना तो उनकी आंखे नम हो गई।

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