लखनऊ – बीजेपी सरकार में बीजेपी के नेताओं पर इन दिनों सत्ता का नशा ऐसा सवार है कि वो इन दिनों सरेआम कानून कि धज्जियां उड़ा रहे हैं साथ ही कानून के रखवालों पर ही हमला कर रहे है। गुरूवार शाम जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में बीजेपी नेताओं के गुर्गों ने पुलिस द्वारा वांछित आरोपी को पकड़े जाने पर पुलिस पर ही हमला बोलकर आरोपी को पुलिस से छुड़ाकर भगा दिया।

बता दें कि लखनऊ के झूलेलाल पार्क में अस्थि विसर्जन के बाद सभी मंत्रीगण निकल रहे थे । तभी लखनऊ यूनिवर्सिटी चौकी इंचार्ज अभय कुमार सिंह को सूचना मिली कि लखनऊ विश्वविद्यालय के मामले में वांछित आरोपी प्रशांत मिश्रा भी यहां मौजूद है। जिसके बाद चौकी इंचार्ज ने अपने सिपाहियों के साथ मिलकर वांछित आरोपी को धर दबोचा लेकिन जब तक पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लाती, तब तक सत्ता पक्ष के विधायक अवनीश कुमार त्रिवेदी ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर पुलिस से भिड़ते हुए आरोपी को मौके से भगा दिया । प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी प्रशांत मिश्रा का न्यायालय से 14 अगस्त को वारंट भी जारी हो चुका है । जिसके बाद से लगातार पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी और पुलिस के हाथ सफलता भी लगी  लेकिन पुलिस के हाथ आई सफलता सत्ताधारी विधायक के कारण वापस लौट गई ।

सत्ता के नशे में चूर बीजेपी के नेता और उनके गुर्गों की गुंडई इस कदर बढ़ गई है कि पुलिस भी मायूस नज़र आ रही है। इस मामले में अब पुलिस भी कुछ बोलने से कतरा रही है। देखने वाली बात ये होगी कि क्या बीजेपी नेताओं के दबाव में अब गुंडे माफियाओं को इसी तरह बीजेपी के नेता पुलिस छुड़ाकर भगा देंगे। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी प्रदेश को गुंडा मुक्त बनाने में जुटे हैं तो दूसरी तरफ उनके ही पार्टी के नेता गुंडों को छुड़ाने के लिए पुलिस से मारपीट कर रहे हैं।

इस घटना के बाद देखने वाली बात ये होगी कि क्या पुलिस इस सरकारी कार्य मे बाधा डालने पर भाजपा नेताओं और उनके गुर्गों क्या कार्रवाई करती है? पुलिस कार्रवाई करेगी या फिर सत्ता के आगे नतमस्तक हो जाएगी।

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