लखनऊ।काकोरी के थर गांव में रविवार को परिवहन विभाग में बस कंडक्टर के पद पर तैनात व्यक्ति अपने घर के कमरों में खुद ही वायरिंग कर रहे थे आचानक बिजली करंट लगने से वह बिजली में चिपक गए,पति को बिजली में चिपक कर तड़पता देख पत्नी उसे छुड़ाने लगी और वह भी चिपक गयी।परिजन आनन फानन इलाज़ के लिए दोनों को पास के एक निजी अस्पताल में ले गए ।जहाँ डॉक्टरों ने  दोनों को मृत घोषित कर दिया।घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों के शवों का पोस्टमार्टम नही करवाने को कहा।परिजनों ने दोनों के शवों का अन्तिम संस्कार गाँव के बाहर खेत मे कर दिया।

     काकोरी के थर गांव के रहने वाले राजेंद्र रावत 30 वर्ष उर्फ रिंकू रावत पुत्र किशन लाल रावत एक महीने पहले परिवहन विभाग में परमानेंट बस कंडक्टर के पद  तैनात हुए थे।परिजनों के मुताबिक राजेंद्र बिजली वायरिंग का काम भी जानते थे।रविवार ऑफिस की छुट्टी होने से राजेंद्र अपने मकान के नए कमरों में बिजली वायरिंग खुद ही कर रहे थे।वायरिंग के दौरान पाइप में तार खींचने के लिए लोहे का वायर डाल रहे थे ।तभी दूसरी तरह वह लोहे का वायर बिजली के तार में टच हो गया जिससे राजेंद्र उसमें चिपक गया। और तड़पने लगा। पत्नी किरन रसोई में खाना बना रही थी ।उसने पति की चीख पुकार सुनकर  उसे बचाने के लिए दौड़ी जैसे ही उसने अपने पति को तार से छुड़ाने का प्रयास करने लगी वह भी बिजली की चपेट में आकर चिपक गई। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए ।परिजनों ने किसी तरह बिजली सप्लाई बंद कर दोनों को पास के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए।जहां डॉक्टरों ने राजेंद्र व किरन दोनों को मृत घोषित कर दिया।परिजनों के मुताबिक तीन वर्ष पहले राजेंद्र का विवाह किरन से हुआ था।मृतकों का डेढ़ माह का दुधमुँह बेटा अनमोल है।दंपत्ति की मौत से घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख परिजनों व ग्राम प्रधान विजय पाल की सहमति पर शवों का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।

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