हाल ही में विश्व हिंदू परिषद से अलग हुए प्रवीण तोगड़िया ने अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद का गठन करने के बाद बीजेपी पर जमकर बरसे। तोगड़िया ने कहा कि बीजेपी ने दिल्ली में कई करोड़ का घर बना लिया पर रामलला चार साल बाद भी अभी छप्पर में विराजमान हैं। हमने सरकार को चार महीने का समय दिया है, अगर वो संसद में कानून नही बनाते हैं तो हम 10 करोड़ हस्ताक्षर के साथ अक्टूबर में लखनऊ से अयोध्या कूच करेंगे।

वीएचपी के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि पालनपुर में 1987 में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित किया गया था कि अगर वो सत्ता में पूर्ण बहुमत से अये तो सोमनाथ की तर्ज पर संसद में कानून बनाकर अयोध्या में भव्य राम​ मन्दिर का निर्माण कराया जायेगा।

आज केंद्र व राज्य में बीजेपी की बहुमत की सरकार है बावजूद इसके अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साथष कहा, प्रधानमंत्री को विदेश घूमने से फुर्सत नहीं, देश के हिन्दूओं की अस्मिता के साथ खेला जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं में व्यस्त है।

तोगड़िया यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा अगर कानून का ही पालन करना था तो आपने जनता से वादा क्यों किया। चुनाव के समय जनता से वादा किया और चुनाव बाद कानून का पाठ पढ़ा रहे हैं।

तोगड़िया ने कहा देश के 10 करोड़ हिंदू इस बात के इंतजार में हैं कि कोई सामने तो आए फिर देखिए कैसे तैयार होता है राम मंदिर। हमने सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है कि अगर संसद में चार महीने में इस कानून को पारित कर राम मन्दिर निर्माण शुरू कराती है तो ठीक है, नही तो हम देश भर में दस करोड़ हिन्दूओं के घर-घर जाकर हस्ताक्षर लेंगे और वह भी भारत सरकार को भेजेंगे इसके साथ एएचपी अक्टूबर में राम मन्दिर निर्माण के लिए लखनऊ से अयोध्या के लिए कूच करेगी।

प्रवीण तोगड़िया ने बताया कि संसद में रखे जाने वाले कानून का ड्राफ्ट आज जनता के सामने रखने जा रहा हूँ। यही ड्राफ्ट पीएम को भी भेज रहा हूँ। ये ड्राफ्ट राम लाला के चरणों में रखने चाहिए।  जब संसद में बहुमत है तो न्यायालय की बात करना निर्माण कार्य टालने वाली बात है।

प्रवीण तोगड़िया ने बताया कि अंतरष्ट्रीय हिन्दू परिषद की स्थापना करके आज मैं अयोध्या राम लाला के दर्शन करने जा रहा हूँ।10 करोड़ हिन्दू हमसे जुड़े है। अक्टूबर में हम लखनऊ से अयोध्या की ओर कूच करेंगे।अगर कोर्ट की राह देखनी थी आडवाणी को रथ यात्रा की जरूरत नही थी। मंदिर बनाने के लिए हमको किसी के सपोर्ट की ज़रूरत नहीं होगी। अगर मंदिर नहीं बनेगा तो हम चुनाव में तीसरा विकल्प चुनेंगे।

 

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