लखनऊ, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा है की वर्ष 2019 की हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 7 फरवरी से एक साथ प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा कि या परीक्षाएं 2 मार्च को खत्म होंगी। दिनेश शर्मा निर्धारण साफ किया की परीक्षा किस समय सारणी निर्धारित करते समय सार्वजनिक अवकाशों के साथ-साथ कुंभ स्नान का भी विशेष तौर से ख्याल रखा गया है।

लखनऊ के शास्त्री भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डॉक्टर दिनेश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षाओं के समय में परिवर्तन किया गया है।

डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रातः कालीन की परीक्षाएं 7:30 बजे के स्थान पर 8:00 बजे फिर शुरू होंगी और 11:15 बजे तक चलेगी। समकालीन वाली परीक्षाओं का समय 2:00 बजे से 5:15 तक रहेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 की परीक्षा में 17 लाख 61 हजार 638 बालक एवं 1445403 बालिकाएं शामिल होंगी। जबकि इंटरमीडिएट में 1397474 79 बालक एवं 11 लाख 87878 बालिकाएं परीक्षा में सम्मिलित होंगे।

उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं मैं कल 57 लाख 87 हजार 998 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वर्ष 2018 की हाईस्कूल की परीक्षा में 3656272 एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में 29 लाख 82 हजार 996 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए थे।

डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि वर्ष 2019 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में केंद्र निर्धारण ऑनलाइन माध्यम से कराया जाएगा तथा पारदर्शी परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के समस्त जिलों में क्रमांक की उत्तर पुस्तिकाएं प्रयुक्त की जाएंगी।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा जो विगत 3 वर्षों से बोर्ड की परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुए हैं अथवा पहले से ब्लैक लिस्टेड है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में परीक्षा किसकी निर्धारित क्षमता के अनुसार परीक्षार्थियों की संख्या आवंटित की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी तथा परीक्षा कक्ष में वेलकम फ्रेंड कैमरा के साथ साथ वॉइस रिकॉर्डर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और प्रत्येक परीक्षा केंद्र को GPS से लिंक किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने साफ किया कि ऐसे संदिग्ध एवं संवेदनशील विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा जहां पठन पाठन का कार्य नहीं हो रहा है बच्चे विद्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं इस तरह के विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए परीक्षार्थी के पंजीकरण को आधार से लिंक किया जा रहा है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तथा पुस्तकें परीक्षा केंद्र पर प्रतिबंधित रहेंगी।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने पिछले लगभग डेढ़ वर्षों के दौरान उनके विभाग द्वारा किए गए कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा 42 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था करके विगत कई वर्षों से शिक्षकों के मूल्यांकन एवं कक्ष निरीक्षकों से संबंधित पारिश्रमिक का भुगतान कराया गया है।

उन्होंने कहा कि छात्र हित में रिक्त पदों को नियत मानदेय के आधार पर तैनाती से भरने के लिए प्रत्येक जिले में सेवानिवृत्त शिक्षकों का पुल तैयार किया गया है। बोर्ड परीक्षा का संपादन एवं मूल्यांकन में भी शिक्षकों का सहयोग प्राप्त किया जाएगा।

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