भारत में अगस्त , में होगी UNSC की कमान, तैयारी में जुटा विदेश मंत्रालय, आतंकवाद व अफगान पर धार होगी तेज

इस वर्ष अगस्‍त में भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बनेगा। विदेश मंत्रालय इसके लिए अभी से अपनी कार्ययोजना की तैयारी  में जुट गया है। मंत्रालय महीने भर का एजेंडा तैयार कर रहा है। उम्‍मीद की जा रही है कि भारत का फोकस आतंकवाद की फंडिंग और अफगानिस्‍तान रहेगा। अपने नेतृत्‍व में भारत इन दोनों विषयों को अंतरराष्‍ट्रीय मंच से प्रमुखता से उठाएगा। –  India will become the President of the United Nations Security Council.

India UNSC permanent seat update 4 permanent members back New York | India  News – India TV

बोले विदेश मंत्री, आतंकवाद पर होगा फोकस

इसके पूर्व जून में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि इसकी सदस्यता के दौरान भारत की मुख्य प्राथमिकता आतंकवाद का मुकाबला करना होगा। उन्‍होंने कहा था कि भारत अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए सुरक्षा परिषद में ठोस और परिणामोन्मुखी कार्रवाई करने का प्रयास करेगा। भारत से संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समितियों द्वारा संस्थाओं और व्यक्तियों को सूचीबद्ध करने और हटाने में अधिक पारदर्शिता की मांग करने की भी उम्मीद है। विस्तारित परिषद में स्थायी सदस्यता प्राप्त करना भी एजेंडे में ऊपर है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोज्किर ने भारत की तारीफ की

बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोज्किर ने अगस्त में सुरक्षा परिषद की भारत की अध्यक्षता के दौरान किए जाने वाले समृद्ध कार्यों के लिए देश की प्रशंसा की थी। बोज्किर ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति के साथ समन्वय बैठक की। तिरुमूर्ति अगस्त महीने के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, तिरुमूर्ति ने बोज्किर को 15 देशों की परिषद की भारत की अध्यक्षता के दौरान होने वाली मुख्य गतिविधियों की जानकारी दी। इन गतिविधियों का ध्यान समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और शांति रक्षा के साथ ही आतंकवादी कृत्यों से अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को होने वाले खतरों पर उच्च स्तरीय चर्चा पर फोकस होगा। उन्होंने महासभा के 76वें सत्र के उच्च स्तरीय सप्ताह की तैयारियों पर भी चर्चा की। यह सत्र सितंबर में आयोजित किया जाएगा।

Major differences among UN members over India's permanent membership in UNSC:  China - The Economic Times

सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर चुना गया भारत

बता दें कि भारत को पिछले साल 2021 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर चुना गया था। ऐसे में भारत को अगले महीने 15 देशों वाली शक्तिशाली परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभानी है। गौरतलब है कि हर सदस्य देश बारी-बारी से एक माह के लिए परिषद की अध्यक्षता करता है। भारत सुरक्षा परिषद के चुनाव में मिले जबरदस्त समर्थन की मदद से दो साल के लिए इसका अस्थायी सदस्य चुना गया है। सुरक्षा परिषद की पांच अस्थायी सीटों के लिए हुए चुनाव में एशिया-प्रशांत देशों की श्रेणी से उम्मीदवार भारत को 192 मतों में से 184 मत मिले थे। सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर भारत का दो वर्ष का कार्यकाल एक जनवरी 2021 से शुरू हुआ। भारत के अलावा आयरलैंड, मेक्सिको, केन्या और नॉर्वे ने भी चुनाव जीता।

India elected to UN Security Council in first-of-its-kind election

जानें क्‍या है सुरक्षा परिषद

बता दें कि सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र के छह मुख्य अंगों में से एक है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। इसका पहला सत्र 17 जनवरी 1946 को वेस्टमिंस्टर, लंदन में आयोजित किया गया था। UNSC के 15 सदस्य हैं। अमेरिका, यूके, रूस, चीन और फ्रांस इसके स्थायी सदस्य हैं। इन स्‍थायी सदस्‍यों के पास वीटो का अधिकार हैं। दस निर्वाचित या अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होता है। वर्तमान में गैर स्थायी सदस्यों में एस्टोनिया, भारत, आयरलैंड, केन्या, मैक्सिको, नाइजर, नॉर्वे, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, ट्यूनीशिया और वियतनाम हैं।

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