लखनऊ. उन्नाव केस में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, लेकिन यूपी पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं करेगी। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है। सीबीआई ही विधायक की गिरफ्तारी का फैसला करेगी।

दरअसल, गुरुवार को शास्त्री भवन मीडिया सेंटर में प्रमुख सचिव गृह और DGP ने बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर पर SIT की रिपोर्ट पर प्रेस वार्ता की।

इस दौरान प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने सिलसिलेवार पूरी घटना जानकारी दी।

प्रधान सचिव यूपी ने कहा कि चाचा ने जो बयान दिए एसआईटी के सामने उसके अनुसार, 30 जून 2017 को पीड़िता को लेकर दिल्ली चले गए और दिल्ली में 4 जून 2017 की घटना के बारे में पीड़िता ने अपनी चाची को बताया।

इसके बाद 17 अगस्त 2017 को पहली बार पीड़िता ने 4 जून को घटना के बारे में शिकायत दी। विभिन्न स्तरों पर। उस शिकायत के आधार पर जनपदीय पुलिस के द्वारा जांच की गई और 164 के बयान में पहले विधायक के नाम का उल्लेख नहीं था। जिस पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

3 अप्रैल को पीड़िता के पिता के साथ मारपीट हुई और उसके बाद उनकी मौत हुई। इस मामले में डॉक्टरों की लापरवाही पाई गई।

उन्होंने कहा कि यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया है।

 

सीबीआई करेगी गिरफ्तारी का फैसला

डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने गैंगरेप के आरोपी विधायक को ‘माननीय विधायक’ कहकर संबोधित किया।

जब उसने पत्रकारों ने सवाल उठाया तो उन्होंने कहा कि अभी वे केस में दोषी करार नहीं दिए गए हैं, ऐसे में ‘माननीय विधायक’ कहना गलत नहीं है।

डीजीपी ने कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई को दे दी गई है। अब सीबीआई ही विधायक की गिरफ्तारी का फैसला करेगी।

 

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

आरोपी विधायक पर उन्नाव के माखी थाने में बुधवार देर रात आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

क्या है पूरा मामला

-दरअसल, यह मामला 4 जून 2017 का है। उन्नाव की माखी में रहने वाली युवती ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुछ लोगों के खिलाफ रेप की शिकायत की थी।

-पीड़ित परिवार का आरोप है कि 3 अप्रैल को विधायक के भाई अतुल ने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया और पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की। पुलिस ने केवल पीड़िता के पिता को जेल भेज दिया। जबकि विधायक पक्ष की ओर से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

– 8 अप्रैल रविवार को पीड़िता ने परिवार समेत सीएम आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन समय रहते उन्हें बचा लिया गया।

-इसके बाद 9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई।

-इस मामले में माखी थाने के एसओ समेत 6 कॉन्स्टेबल पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। वहीं बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

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