एटा–प्रदेश में योगी सरकार स्वास्थ विभाग के लिए कितनी भी योजनाये क्यों न चला रही हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। ताजा मामला एटा के जिला अस्पताल में देखने को मिला जहाँ एक सड़क हादसे में घायल बच्चे को उसका पिता अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लाया था।

अस्पताल कार्मियों की लापरवाही से उसे स्टेचर भी नहीं मिला और उसे अपने जिगर के टुकड़े को अपनी गोद में ही लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वही जब इस बारे में मुख्य चिकत्साधिकारी यानी कि सीएमओ से बात की तो उन्होंने पल्ला झाडते हुए जाच कर दोषीयो के खिलाफ कार्यवाही की बात कहते नजर आए।

मामला थाना कोतवाली क्षेत्र के बनगांव का है जहाँ 12 बर्षीय बच्चा कमल सड़क हादसे में घायल हो गया था जिससे उसका पिता चेतेलाल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लाया था। जब वह अस्पताल पंहुचा तो उसने अपने जिगर के टुकड़े के लिए स्टेचर की मांग की तो वहाँ मौजूद बार्ड बाय ने स्टेचर नहीं होने की बात कह कर मना कर दिया। तो लाचार पिता अपने पुत्र कमल को अपनी गोद में ही लेकर अस्पताल पंहुचा जहाँ उसने उसे भर्ती कराया। उसके बाद उसका इलाज संभव हो सका। वही जब इस बारे में हमने मुख्य चिकत्साधिकारी से बात की उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्टेचर की कोई कमी नहीं है और अस्पताल में स्टेचर पर्याप्त मात्रा में है। इसमें एक प्राइवेट कंपनी द्वारा वार्ड बाय रखे गए है वे लोग सही कार्य नहीं कर रहे है। मामले की जांच करा कर दोषीयो के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी और आगे से इस तरह की घटना दुबारा नहीं होने दी जाएगी।

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