लखनऊ – उत्तर-प्रदेश में रविवार से पॉलीथीन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा गया है। योगी सरकार ने पॉलीथीन रोकने के लिए नए कानून के तहत एक साल की सजा और एक लाख रुपए के जुर्माने का भी प्रावधान रखा है। बता दें कि पतली पॉलीथीन यानी 50 माइक्रॉन से पतली पॉलीथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा, हालांकि इससे पहले साल 2000 में 20 माइक्रॉन से पतली पॉलीथीन पर ही प्रतिबंध था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50 माइक्रॉन कर दिया गया है।

योगी सरकार इसे बढ़ाकर जुर्माने की राशि एक लाख रुपये और सजा एक साल तक कर दी है, व्यक्तिगत तौर पर रखने पर एक हजार से 10 हजार, दुकान या फैक्ट्री वालों पर 10 हजार से एक लाख रुपये जुर्माने का नियम बनाया है।

अब तक इसे नगर विकास विभाग ही निगरानी करता था लेकिन अब स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी इस पर पैनी निगाह रखेगा, यूपी में पतली पॉलीथीन का कारोबार लगभग 100 करोड़ का है, इससे पैकिंग और खाने-पीने का सामान बनाने का पैकेट बनाया जाता रहा है, जो की सेहत के लिए खतरनाक था, वहीं आवारा गायों के सेहत को ध्यान में रखते हुए इसे सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

गौरतलब है एनजीटी के आदेश पर पहले भी सूबे में पॉलीथिन बैन लगाया गया था, लेकिन अमल में लापरवाही के चलते तरीके से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका। इस बार योगी सरकार ने 15 जुलाई से सूबे में पूर्ण रुप से पॉलीथीन बैन के आदेश दे दिए हैं और 15 जुलाई के बाद किसी भी व्यक्ति के पास या किसी विक्रेता के पास अगर पॉलीथीन बैग पाई जाती हैं तो उसको जब्त करके संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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