मेरठ — पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आए दिन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आ रहे हैं । मेरठ में एक बार फिर धर्म परिवर्तन का जिन्न बोतल से बाहर निकल आया है।

जहां पर मंदिर में मूर्ति स्थापित ना होने से गुस्साए सैकड़ों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी दे डाली है और भारी संख्या में गुस्साए ग्रामीण अपनी बात को लेकर जिलाधिकारी के आवास पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया।हालांकि जिलाधिकारी ने मामले की जांच एसपी देहात राजेश कुमार को सौंप दी है।

दरअसल , मेरठ के थाना इंचौली क्षेत्र के मसूरी गाँव में दलित समाज के लोग गाँव में स्थित मंदिर में काली माता की मूर्ती स्थापित करना चाहते है लेकिन गाँव के ही कुछ लोग इस बात का विरोध कर रहे है। लोगों का कहना है कि पहले तो मंदिर के पुजारी ने मूर्ति स्थापना करने के लिए ग्रामीणों से कह दिया था लेकिन जब ग्रामीण मूर्ति ले आए तो दबंगों के कहने में आकर पुजारी ने मंदिर का दरवाजा बंद कर दिया और मूर्ति स्थापना करने से मना कर दिया ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने मंदिर में मूर्ति स्थापना करने की जिद की तो दबंग लोग मंदिर के बाहर लाठी डंडे लेकर बैठ गए ।

साथ ही उनका यह भी कहना है कि दबंग लोग मंदिर परिसर में अपने वाहन खड़े करते हैं और मंदिर किस जगह को पंचायत घर बनाना चाहते हैं लेकिन काली की मूर्ति यहां पर स्थापित नहीं होने दे रहे हैं। इस बात से गुस्साए गाँव वालो ने बुधवार को मेरठ जिलाधिकारी के घर का रुख किया । वहां पहुंचकर जिलाधिकारी के घर के बाहर हंगामा भी किया । इन लोगो का कहना है कि अगर उनको अपने मंदिर में मूर्ती स्थापित नहीं करने दी जा रही है तो वो अपने परिवारों के साथ धर्म परिवर्तन कर लेंगे । इन लोगो ने बताया की धर्म परिवर्तन करने वाले 150 से ज़्यादा परिवार हैं।

वही इस मामले पर एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है की धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं है। मंदिर की रजिस्टर्ड सोसाइटी बनी हुई है जो सोसायटी के मेंबर हैं वह मंदिर में मूर्ति लगवाने को मना कर रहे हैं क्योंकि मंदिर में पहले से ही मूर्ति स्थापित है। और अगर कोई धर्म परिवर्तन जैसी बात है तो उसकी जांच कर करवाई की जाएगी ।

बहरहाल मूर्ती स्थापित न होने की सूरत में ये लोग धर्मपरिवर्तन की बात पर अड़े हुए है । अब देखना ये होगा की प्रशासन इन लोगो को क्या न्याय देता है ।

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