दिल्ली – संसद में मॉनसून सत्र के पहले दिन मोदी सरकार के खिलाफ टीडीपी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा एवं वोटिंग के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है, टीडीपी द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को कांग्रेस सहित ज्यादातर विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है हालांकि इसके बावजूद सरकार इसे लेकर ज्यादा आशंकित नहीं है। उसके बेपरवाह होने के पीछे लोकसभा में सीटों का वो गणित है जिसमें उसे विपक्ष की तुलना में बहुमत हासिल है, लोकसभा में विपक्ष की ओर से एनडीए सरकार के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 20 जुलाई को चर्चा और मत विभाजन होगा।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन में कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर 20 जुलाई यानी शुक्रवार को चर्चा और मत विभाजन होगा। इस पर पूरे दिन चर्चा होगी और उसी दिन वोटिंग होगी। चर्चा के लिए 7 घंटे का समय रखा गया है। इस दिन प्रश्नकाल नहीं चलेगा और गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा। सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इससे पहले मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में बुधवार को मोदी सरकार के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस स्वीकार हो गया।

इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कौन कहता है कि हमारे पास संख्या नहीं है? सोनिया गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस तरह के आत्मविश्वास से कुछ नहीं मिलेगा। हम 20 जुलाई को स्पष्ट बहुमत साबित करेंगे। हम आराम से जीतेंगे और विपक्ष को अपनी ताकत दिखाएंगे।’

सदन में प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने वाले सभी सदस्यों का उल्लेख किया और टीडीपी के एस केसीनेनी को अविश्वास प्रस्ताव पेश करने को कहा। अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने एस केसीनेनी, तारिक अनवर, मल्लिकार्जुन खड़गें समेत कुछ अन्य सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार किया है और अब वह इस नोटिस को सदन के समक्ष रख रही हैं। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने को तैयार है और दूध का दूध-पानी का पानी हो जायेगा। हम निश्चित तौर पर विजयी होंगे। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बीजेपी ने व्हिप जारी कर दिया है और अपने सहयोगियों से भी व्हिप जारी करने को कहा है।

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