असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टार के विवाद में अब बीएसपी सुप्रीमो मायावती भी कूद पड़ी हैं। असम के मुसलमानों के साथ दलितों और पिछड़ों का मुद्दा उठाकर मायावती ने भी बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है। मायावती ने कहा कि असम का हवाला देते हुए कहा कि अगर 40 लाख लोग सबूत नहीं दे सके तो इसका मतलब ये नहीं की वे भारत के नागरिक नहीं हैं।

मायावती ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर रहे है। इसी का दुरूपयोग कर भाजपा ने असम के 40 लाख लोगों की नागरिकता रद्द कर दी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी दलित और पिछड़ों को परेशान कर रही है। इतना ही नहीं बीजेपी दलित और अल्प संख्यक विरोधी है। मायावती ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी संविधान की अवहेलना कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को सिर्फ बड़े बड़े धन्नासेठों की चिंता जिसके चलते बढ़ा रहे पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतें.

बीएसपी सुप्रीमो ने बीजेपी महिला विधायक के मंदिर में प्रवेश के बाद गंगा जल से धोना और इलाहाबाद में महिला दलित अफसर को पानी न देने की जातिवादी मानसिकता निन्दनीय है.

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