लखनऊ,बिजली विभाग के जुम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी लगातार नए कमर्शियल घरेलू कनेक्शनों को मानकों के विपरीत देकर विभाग को चूना लगाने सहित बिल रिवीजन के नाम पर उपभोक्ताओं से लाखों रुपए की जमकर अवैध वसूली लगातार जारी ।

काकोरी के दुबग्गा उपकेंद्र पर लगातार उपभोक्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।शिकायत के बावजूद भी अधिकारियों के कानों में जू रेंगता नज़र नही आ रहा हैं। मामला दुबग्गा के शंकर बिहार कॉलोनी निवासी जावेद अहमद के भतीजे अनस ने अपनी दुकान के लिए 3 किलो वॉट के कमर्शियल कनेक्शन की फाइल 30 दिन पहले एसडीओ उपदेश अग्निहोत्री के पास जमा किया था।जिसका खाता नम्बर 3248577340 सर्वे रिपोर्ट लाइनमैन अवर अभियंता ने लगा दिया है। इसके बावजूद लगातार जावेद अहमद भतीजा अनस उपकेंद्र के चक्कर काट रहे हैं जावेद को पिछले सप्ताह एसडीओ ने क्लर्क राम मनोहर जायसवाल से मिलने की सलाह दी जावेद तंग आकर अपने  मिलने वाले कमलेश को बताई ओ फाइल लेकर उपकेंद्र पहुंचे तो क्लर्क ने  सिस्टम से आने की बात कही  पूछने पर क्लर्क ने कमर्शियल कनेक्शन यूं ही नहीं होते की बात कहीे राम मनोहर जायसवाल क्लर्क अपने ऑफिस के रूम में बुलाकर 3 हज़ार रुपए की मांग की 2 हजार एसडीओ व एक हजार मेरा जिसको कमलेश देने में असमर्थता जताई क्लर्क ने फाइल लेकर हाथ में थमा दी और कहा तुमारा कनेक्शन नहीं हो पाएगा।पीड़ित ने एसडीओ से मिलकर कनेक्शन न होने की बात कही एसडीओ ने एक सप्ताह और इंतजार करने की बात कही।पीड़ित कनेक्शन लेने के लिए अधिकारियों के ऑफिसो के चक्कर काट रहे है।
मानकों के अनुसार कनेक्शन देने से इन्कार ,मानकों के विपरीत दर्जनों कनेक्शन हो रहें।
दुबग्गा के सिकरोरी गांव निवासी इमरान हैदर पुत्र हैदर रिज़वी मेहदी कनेक्सन नमबर 1786246035 की चाय कप बनाने वाली फैक्ट्री की दूरी लगभग 90 मीटर है पर बिना लाइनमैन व जूनियर इंजीनियर की रिपोर्ट लगाएं ही एसडीओ उपदेश अग्निहोत्री ने थ्री फेस  5 किलोवाट के कनेक्शन करने के लिए उपभोक्ता से सुविधा शुल्क लेकर पांच किलोवाट का कनेक्शन 14 जून 2018 को  कर दिया।जिसकी शिकायत पर उच्यधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए शानिवार साम को अधीक्षण अभियंता आंशू कालिया को जांच करने मौके पर भेजा अधीक्षण अभियंता के बुलाने पर एसडीओ उपदेश अगिनिहोत्री मौके पर नही गए और अपना सीयूजी नंबर बंद कर लिया।

वहीं आसपास के उपभोक्ताओं का आरोप है कि 40,50 मीटर दूरी के कनेक्शन जोकि मानक के अनुसार होने पर नहीं दिया जा रहा।दर्जनों उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिल रिवीजन के लिए उपभोक्ताओं से हजारों रुपए वसूलने के बाद भी उपभोक्ताओं के बिल रिवीजन नही हो सकें हैं।

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