लखनऊ – योगी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री मोहसिन रजा के मदरसों में ड्रेस कोड बदले जाने वाले बयान पर मदरसों ने कड़ा विरोध किया है। उलेमाओं का कहना है कि मोहसिन रजा मदरसों के ठेकेदार नहीं हैं जिनके कहने पर मदरसे अपना पूरा निजाम बदल देंगे। रजा का बयान मदरसों के निजाम में दखलअंदाजी करने की खुली साजिश है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मदरसों में ड्रेस कोड को बदलने की बात करना दीनी इदारों के खिलाफ रची जा रही साजिश का हिस्सा है। उनका कहना है की मोहसिन रजा हों या फिर वसीम रिजवी यह लोग फिरकापरस्तों के आकाओं को खुश करने के लिए ये काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि योगी सरकार अब यूपी के मदरसों में ड्रेस कोड लाने की तैयारी कर रही है, मदरसों के बच्चे अब कुर्ता पायजामा की जगह पैंट शर्ट पहनेंगे, इस फैसले का एलान हज राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने मंगलवार देर शाम किया।
मोहसिन रजा ने कहा कि मोदी जी का सपना रहा है कि मदरसों के बच्चों के एक हाथ में लैपटॉप हो और दूसरे हाथ में क़ुरान हो, इसी सपने को सच करने के लिए अब यूपी के मदरसों की तक़दीर और तस्वीर बदलने की तैयारी की जा रही है। मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि हम जल्द ही अपने विभाग की बैठक बुला कर इस फ़ैसले को लागू करने पर चर्चा शुरू करेंगे। मदरसों में बच्चे कुर्ता पायजामा पहन कर पढ़ने जाते रहे हैं। इससे उनकी छवि एक ख़ास मज़हब से ही जुड़ी रह गई है, योगी सरकार चाहती है कि मदरसों के बच्चे भी अब बाक़ी स्कूली बच्चे जैसे दिखें, यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही मदरसों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बता दें कि सबसे पहले बिना मान्यता वाले मदरसे बंद कराए गए, फिर वहां एनसीआरटी की किताबें भी पढ़ाई जाने लगीं।

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