कानपुर – जीएसटी की इंटेलिजेंस विंग ने बोगस फार्म बनाकर फर्जी बिल के जरिए हेराफेरी करने वाले दो व्यापारियों को गिरफ्त में लिया है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू होने के एक साल बाद अब तक का सबसे बड़ा फ्रॉड उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से सामने आया है। इन कारोबारियों ने 60 करोड़ की जीएसटी की हेराफेरी की थी। अधिकारियों का दावा है कि लखनऊ की आंचलिक इकाई द्वारा पहली बार जीएसटी की हेराफेरी करने के मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है। जीएसटी महानिदेशालय की लखनऊ यूनिट के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 400 करोड़ रुपये का फर्जी बिल जारी कर यह टैक्स चोरी की, अभी इस गिरोह के कई अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की इंटेलिजेंस विंग के एक अधिकारी ने बताया, ‘कानपुर के व्यापारी मनोज कुमार जैन और चंद्र प्रकाश तायल बोगस फार्म के ​जरिए जीएसटी की हेराफेरी कर रहे थे। मनोज कुमार जैन ने लगभग 300 करोड़ रूपए की बोगस बिलिंग कर सरकार को लगभग 44 करोड़ रूपए का चूना लगाया। वहीं चंद्र प्रकाश तायल ने लगभग 100 करोड़ की फर्जी बिलिंग करते हुए 16 करोड़ की हेराफेरी की है।

सूचना के आधार पर जब इन दोनों व्यापारियों के बहीखातों की जांच की गई तो इनमें कई अनियमितताएं मिली। अधिकारियों का दावा है कि इन कारोबारियों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है जो बोगस बिलिंग कर जीएसटी में हेराफेरी कर रहे हैं।

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