नई दिल्ली – भारत से हर साल हजारों-लाखों लोग हज की यात्रा पर जातें है। हज एक इस्लामी तीर्थयात्रा है और यें मुस्लिम लोगों के पवित्र शहर मक्का में हर साल होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा जमावड़ा है यह इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक स्तंभ है। हज मुस्लिम लोगों की एकता को दर्शाता है।

आज यात्रा की शुरूआत दिल्ली से हुई जहां दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहले जत्थे को  रवाना किया गया है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पहले जत्थे में 1230  हज यात्रीयों को रवाना किया गया है, जिनमें दिल्ली से जाने वालों में जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के हज यात्री भी शामिल हैं। यहां के अलावा भी आज गया से 450, गुवाहाटी से 269, लखनऊ से 900 और श्रीनगर से 1020 हज यात्री रवाना हुए हैं.

हज यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना करने आज केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी पहुंचे जहां उन्होंने इस साल हज पर जा रहे लोगों को शुभकमानाएं दीं, उन्होंने हज यात्रियों से उनकी सुविधायें और सुरक्षा का पूरा खयाल रखने की भी बात कही। आगे नकवी बोले, ‘हमारे अल्पसंख्यक मंत्रालय ने पहले ही सऊदी अरब के महावाणिज्य दूत से बात कर ली है और हमनें भारतीय हज कमेटी व अन्य सम्बंधित एजेंसियों के साथ मिल कर इस बार की  हज यात्रा को सकुशल पुर्ण करने की तैयारियां समय से बहुत पहले ही कर ली है।

हज पर जा रहे यात्रीयों को रवाना करने भारतीय हज कमेटी के अध्यक्ष चौधरी महबूब अली कैसर भी मौके पर मौजूद थे और साथ दिल्ली हज कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद इशराक खान और अल्पसंख्यक मंत्रालय के कई अधिकारी भी मौजूद थे. मुख्तार अब्बास नकवी के साथ दिल्ली के राजस्व एवं परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत भी दिखे जिन्होंने चंद शब्द कहते हुए जत्थे को रवाना किया। बता दें इस बार भारत से करीब 1,75,000  लोग हज की टिकट कटा चूके है और इनमें लगभग 1,28,000 लोग भारतीय हज कमेटी के जरिए हज पर जाएंगे।

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