प्रयागराज. ज्येष्ठ महीने में गर्मी का सितम अभी जारी रहेगा. अप्रैल महीने से शुरू हुई भीषण गर्मी से जून माह के आखिरी तक निजात मिलने की कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. हालांकि इस बीच पश्चिमी विच्छोभ के कारण कुछ हलचल हुई तो गर्मी से कुछ दिनों के लिए फौरी तौर पर राहत जरूर मिल सकती है. लेकिन इसकी उम्मीद कम ही बताई जा रही है.


इस संबंध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रोफेसर शैलेंद्र राय ने प्रभात खबर से बात करते हुए बताया कि अन्य वर्षो की तुलना में इसबार गर्मी ज्यादा रहेगी. जिसे अप्रैल माह से ही देखा जा सकता है. प्रोफेसर शैलेंद्र राय ने बताया कि अन्य सालों में जहां होली के बाद मौसम जहां थोड़ा ठंडा रहता था वहीं इस बार होली के बाद से ही गर्मी भीषण रूप से पड़ने लगी थी अप्रैल के बाद मई मैं तो लोगों को घरों से निकलना मुहाल हो गया है. उन्होंने बढ़ती भीषण गर्मी की मुख्य वजह है ग्लोबल वार्मिंग को बताया.

उन्होंने कहा कि अभी रिकॉर्ड तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया जा सका है जो मई के आखिरी तक तापमान में और इजाफा हो सकता है. हालांकि इस सप्ताह केरल में मानसून आने की संभावना है. उन्होंने बताया कि समय से मानसून सक्रिय हो गया तो जून के आखिरी तक बारिश होने के बाद गर्मी से राहत मिल सकेगी.

माह में गर्मी और अधिक झुलसाएगी। ग्रहीय दशा के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलेगा तो तापमान में अधिक वृद्धि होगी। 25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करेगा तब नौतपा शुरू हो जाएगा। यानी नौतपा में नौ दिन तक अधिक गर्मी पड़ेगी। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ेंगी। नौतपा का असर 25 मई से 2 जून 2022 तक देखने को मिलेगा।

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