गोरखपुर – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिन के दौरे पर गोरखपुर पहुंचे इस दौरान उन्होंने गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता की समस्याएं सुनीं। इस दौरन अधिकारियो को उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के निस्तारण का निर्देश दिया। जनता दरबार में काफी संख्या में फरियादी मुख्यमंत्री से अपनी फरियाद सुनाने पहुंचे थे। इसी दौरान जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता दरबार में लोगों की समस्या सुन रहे थे, तभी अनुदेशकों ने वहां पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जिसके बाद वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनको हिरासत में ले लिया। परिषदीय अनुदेशक संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में अनुदेशकों ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री के जनता दरबार के बाहर प्रदर्शन किया। अनुदेशक बढ़े हुए 17000 रुपये मानदेय के भुगतान की मांग कर रहे थे, परिषदीय अनुदेशक संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में अनुदेशक बुधवार की सुबह ही गोरखनाथ मंदिर पहुंच गए। उन्होंने मांगें लिखी हुई तख्तियां हाथ में ले रखी थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में आने की तैयारियां शुरू हुईं तो उनका प्रदर्शन तेज हो गया। अनुदेशक मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात कहना चाहते थे लेकिन मामला बढ़ता देख सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों ने प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह सहित कई अनुदेशकों को हिरासत में ले लिया। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि अब तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय से दो किस्त धनराशि सर्व शिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय, लखनऊ को प्राप्त हो चुकी है। अनुदेशकों के 17 हजार रुपये मानदेय के साथ ही शिक्षामित्र का 10 हजार रुपया व आइटी टीचर का 14500 रुपया मानदेय स्वीकृत हुआ था। दोनों का बढ़ा मानदेय मिल रहा है लेकिन अनुदेशकों को बढ़ा मानदेय नहीं मिल रहा। करीब 16 माह बीत जाने के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही के चलते अभी तक मानदेय का शासनादेश नहीं जारी हुआ, जिससे 31000 अनुदेशक और उनके परिवार अवसाद के शिकार हैं। हम मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात कहने आए थे। अनुदेशक यहां नगर निगम परिसर में रानी लक्ष्मीबाई पार्क में कल से यहां पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।

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