अयोध्या ,श्रावण मास में करोड़ो कांवड़िया अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करने और भगवान आशुतोष को प्रश्न करने के लिए शिव को जल और कांवड़ अर्पित करते है ।हजारों कांवड़िये नाचते गाते अपने गतंव्य की और बढ़ते जाते है और अपने अपने क्षेत्रो के शिवालयों में जलाभिषेक करते है । इन्ही कांवड़ों के बीच एक ऐसी अनोखी कांवड़ आयी है जिसकी मांग कई सालों से करोड़ो लोग करते आ रहे है उसी मांग को लेकर ये ग्रुप निकला है ।ये वो मांग है जिसके चलते यूपी से लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ जाता है ।जो भी नेता उस मांग के पक्ष में बोलता है वो विवादों में घिर जाता है ।ये कांवड़िया हरिद्वार से गंगा जल लेकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर की झांकी लेकर निकले है और लोगो से राम मंदिर बनवाने में सहयोग के लिए अपील करते आ रहै है इस कांवड़ की सुरक्षा में पुलिस एस्कॉर्ट भी चल रही है ।


दरअसल करोड़ो कांवड़ियों के बीच एक कांवड़ चर्चा का विषय बनी हुई है ।जिसे मेरठ से बजरंग दल के प्रदेश संयोजक बलराज डूंगर के नेतृत्व में कई दर्जनों युवक इस भव्य राम मंदिर की झांकी हरिद्वार से लेकर चले थे और मेरठ के शिवालय में जल अर्पण करेंगे ।इस कांवड़ का जगह-जगह फूलो की वर्षा कर स्वागत किया जा रहा है। इस कांवड़ को देखने के लिए लोग बढ़ चढ़कर भाग ले रहै है ।कांवड़ के साथ चल रहे शिव भक्त राम लला हम आएंगे मंदिर वही बनाएंगे।अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग को लेकर ये भक्त लोगो से अपील करते जा रहे है ।इस झांकी की सुरक्षा में पुलिस एस्कॉर्ट लगाया गया है जो कि इस कांवड़ के साथ साथ चल रहा है ।इस कांवड़ यात्रा के आयोजक बलराज डूंगर ने बताया कि हम जो कावड़ लेकर जा रहे हैं उसका नाम है एक कावड़ राम मंदिर के नाम इस कावड़ के पीछे का उद्देश्य करोड़ों लोग हरिद्वार की धरती से जल उठा कर अपने-अपने शिवालय की तरफ बढ़ते हैं इनकी मनोकामना पूर्ण होगी लेकिन इस कावड़ का उद्देश्य केवल भगवान राम के मंदिर का शीघ्र निर्माण हो इसलिए भगवान शंकर की गोद में बैठकर के प्रार्थना करने के लिए बजरंग दल मेरठ के कार्यकर्ता इस कावड़ को ले कर चल रहे हैं। इस कांवड़ का केवल एक ही उद्देश्य है अब तो बहुत हो चुका अब तो हिंदुओं का सब्र टूट रहा है आज देश का प्रत्येक बच्चा-बच्चा चाहता है कि हम को राम चाहिए क्योंकि दुनिया शांति चाहती है लेकिन शांति का मार्ग भारत की धरती से होकर जाता है और शांति तब मिलेगी जब राम मंदिर का निर्माण होगा कुछ लोग सेकुलर वादी बोलते हैं कि इस्लाम शांति का प्रतीक है इस्लाम शांति का प्रतीक कहां से है इस्लाम तो लव जिहाद का प्रतीक है इस्लाम तो आतंकवाद का प्रतीक है और इस्लाम तो हलाला का प्रतीक है इसलिए शांति वहां से नहीं शांति तो भगवान राम के चरणों से होकर जाएगी तभी इस देश को अगर विश्व गुरु बनाना है तो राम के मंदिर का निर्माण करना होगा और सब की यही कामना है कि जिस प्रकार पूर्व में दुनिया का संचालन भारत की धरती से होकर जाता था ठीक उसी प्रकार भारत की धरती से होकर जाए लेकिन जब तक राम मंदिर का निर्माण नहीं होता तब तक यह सारे संकट हम सब पर मंडराते रहेंगे और देश के अंदर किसी को भी अगर मोक्ष की प्राप्ति करनी है तो राम के नाम से ही मोक्ष की प्राप्ति होगी इस देश के सभी लोगों से मेरा निवेदन है कि राम के चरणों में चले जाओगे तो सभी पाप नष्ट हो जाएंगे और मुक्ति मिल जाएगी अन्यथा मुक्ति नहीं मिलेगी। मेरठ की धरती से चले हम कोई मोक्ष की प्राप्ति या धर्म शांति के लिए नहीं चले बल्कि हमें तो राम का मंदिर चाहिए उसके लिए निकले हैं बहुत ही उत्साह भोले बाबा के भक्तों में हैं किसी भी कावड़ को देखकर इतना उत्साह नहीं लगा होगा जब भी कावड़ दिखाई देती है तो कहते हैं देखिए यह जा रही है राम मंदिर की कावड़ बहुत उत्साह है सबके अंदर। यह वही रूप है जिसको संपूर्ण हिंदू समाज चाहता है कि मुझको राम का मंदिर चाहिए लेकिन राम का मंदिर कौन सा यह जो प्रस्तावित मंदिर चाहिए यह उसी की झांकी है।

बजरंग दल देश के अंदर देश का बल बजरंग दल है तो मुझे नहीं लगता कि हम पर कोई उंगली उठाएगा हम तो आतंकवाद की चुनौतियां को स्वीकर करते हुए कश्मीर की धरती पर जाकर वहां अमरनाथ की यात्रा को शुरू करने वाले लोग हैं और ऐसे जिहादियों की छाती पर बैठकर नाक से धुंआ निकालने वाले लोग हैं इस देश का नौजवान सर पर कफन बांध के चलता है हमको किस चीज की सुरक्षा और जहां तक सुरक्षा की बात है यह तो प्रशासन को देखना है कि उनको कहीं कोई परेशानी तो नहीं है।

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