लखनऊ – लोकसभा चुनाव को लेकर चल सभी पार्टियों में चल रही कश्मकश के बीच यूप के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बात साफ कर दी वो प्रधानमंत्री नहीं बल्कि यूपी का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने बयान दिया कि वह प्रधानमंत्री बनने की सूची में नहीं हैं लेकिन प्रधानमंत्री की सूची उत्तर-प्रदेश से ही बनेगी। साथ ही उन्होंने कहा अब देश भी नया प्रधानमंत्री चाहता है। अखिलेश यादव ने कई मुद्दो पर बोलते हुए बोले की अगर आज चुनाव हो जाते हैं लोकसभा के तो सबसे ज्यादा फायदे में समाजवादी पार्टी होगी और अगर केन्द्र सरकार विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव एक साथ कराना चाह रही है तो इसकी शुरूआत वो उत्तर-प्रदेश से शुरू करे और इसमें उनकी पार्टी वो सबसे ज्यादा खुश होंगे।

गोरखपुर, फूलपुर, कैराना लोकसभा औऱ नूरपुर में हुए उपचुनाव में विपक्ष के एक साथ हो जाने से बीजेपी की लगातार हार के बाद और समाजवादी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए ये कयास लगाए जा रहे थे कि  लोकसभा चुनाव में अगर समाजवादी पार्टी की सीट सबसे ज्यादा आती है तो अखिलेश यादव खुद को भारत का प्रधानमंत्री के रूप में पेश कर सकते हैं लेकिन इन सवालों का पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद को अलग करते हुए कहा कि मै इतना बड़ा सपना नहीं देखता। मेरा सपना है कि दिल्ली से लखनऊ जो एक्सप्रेस वे बनवाया है वो एक्सप्रेस वे बलिया तक पहुंच जाए, मेरा सपना है कि लखनऊ की तरह कानपुर औऱ वाराणसी में भी मेट्रो चलने लगे। प्रधानमंत्री बनने का मेरा कोई सपना नहीं है लेकिन ये जरूर तय है कि इस बार के चुनाव में प्रधानमंत्री यूपी से ही तय होगा जिसमें समाजवादी लोगों की अहम भूमिका होगी।

हालांकि उनके इस बयान के बाद से ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि अखिलेश खुद को यूपी के मुख्यमंत्री के तौर पर मजबूत कर रहें हैं और केन्द्र में वो प्रधानमंत्री के लिए मायावती को आगे कर सकते हैं अगर यूपी में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ औऱ ये गठबंधन लोकसभा में अगर बीजेपी को मात दे देते हैं तो फिर मायावती का नाम सबसे आगे हो सकता है।

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