लखनऊ – उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक पारिवारिक आयोजन के दौरान बूंदी के लड्डू खाने से 2 लोगों की मौत हो गई औऱ लगभग 25 लोगों को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दरअसल एटा के विथरा गांव में गंगा दशहरे के मौके पर भागवत कथा का आयोजन किया गया था जिसके बाद कलश विर्सजन के दौरान लोगों को प्रसाद में खाने के लिए बूंदी व बूंदी के लड्डू दिए गए थे, लड्डू खाने के बाद लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। आनन-फानन सभी लोगों को अलीगंज के सीएचसी केन्द्र भेजा गया जहां एक 70 वर्षीय वृद्धा की लड्डू खाते ही मौके पर ही मौत हो गयी और वहीं अस्पताल ले जाते समय एक मासूम बच्चे की भी मौत हो गई। इस हादसे में गंभीर रूप से बिमार दो दर्जन से ज्यादा लोगों को फर्रुखाबाद, फतेहगढ़, कानपुर मेडीकल रेफर किया गया जहां एक दर्जन से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक होने के चलते कानपुर रेफर कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फूड प्वाईजनिंग में अब तक दो लोगों की मौत हो गयी है जबकि 26 से ज्यादा लोगों की हालत बेहद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।

वहीं इस पूरे मामले में स्वास्थ्य महकमें की घोर लापरवाही सामने आयी है, सूचना के बाद सीएमओ अजय अग्रवाल ने वितरा गांव मे दो फार्मासिस्टों की टीम भेजी जिन्होंने बिमार लोगों को ओआरएस घोल और कुछ टेबलेट खानापूर्ति करके वापस चले गए। सूबे के मुखिया योगी अदित्यनाथ और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के दावों की जनपद एटा में पोल खुलती नजर आई, जहां स्वास्थ्य विभाग बीमार लोगों को बेहतर इलाज देने की बजाय खानापूर्ति की। विभाग की लापरवाही के चलते ही 2 लोगो की तो मौत हो ही गई और 25 से ज्यादा लोग अभी भी बेहतर इलाज के लिए तरस रहे हैं स्वास्थ्य महकमें की इस अनदेखी और घोर लापरवाही के चलते ग्रामीणों में भारी रोष है। वहीं इस पूरे मामले पर सीएमओ सफाई देते नजर आये और मौके पर स्वास्थ विभाग की टीम भेजे जाने की बात कह रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए।

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