लखनऊ। कभी समाजवादी पार्टी में नं.2 की पोजीशन रखने वाले कद्दावर नेता शिवपाल यादव ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाकर बगावती तेवर अपना लिए थे। जिसके बाद चर्चा रही कि आखिर शिवपाल ने ऐसा कदम क्यों उठाया । इसका खुलासा आज हो गया है।सपा से उपेक्षित अपनी अलग राह बनाने के लिए मेहनत कर रहे शिवपाल का समाजवादी सेक्युलर मोर्चा सूबे की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहा है। शिवपाल यादव ने मोर्चे को लोकसभा चुनाव में दो-दो हाथ करने का मन बना लिया है।यादव ने दरकदवा गांव में संवाददाताओं से कहा कि उनका नवगठित मोर्चा वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होने दावा किया कि मोर्चे के सहयोग के बिना देश में अगली सरकार बनाना संभव नहीं होगा।उन्होंने भाजपा में शामिल होने की अपनी योजना सम्बन्धी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सब विरोधियों की साजिश है।यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उपेक्षित और अपमानित होकर उन्होंने मोर्चा बनाया है। उन्होने कहा कि उनका प्रयास होगा कि ऐसे लोगों को जोड़ें, जिनका समाजवादी पार्टी में सम्मान नहीं हो रहा है। इसीलिए सेक्युलर मोर्चा बनाकर अपने लोगों को काम दिया है।सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर बड़े जतन से समाजवादी पार्टी बनाई थी।लेकिन उपेक्षा के चलते वरिष्ठ नेता स्पयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होने कहा कि जिन लोगों को हाशिए पर रख दिया गया था उन्हें संगठित कर सेक्युलर मोर्चा का गठन किया गया है।भाजपा से सांठगांठ होने के आरोप को उन्होने सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह बात निराधार है और उनके सेक्युलर अभियान को बाधित करने के लिये किया जा रहा दुष्प्रचार है।उल्लेखनीय है कि शिवपाल ने विगत बुधवार को ही समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के गठन की औपचारिक घोषणा की थी।

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