ग़ाज़ीपुर। मोहम्मदाबाद विधानसभा का बूथस्तरीय सम्मेलन विधानसभा अध्यक्ष चन्द्रमा यादव की अध्यक्षता व राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के मुख्य अतिथि में एमजीआरपी कान्वेंट स्कूल तिवारीपुर में सम्पन्न हुआ।बतौर मुख्य अतिथि नीरज शेखर ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जी जान से सपा कार्यकर्ताओं से जुटने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की विरोधी है,वह सपा समर्थकों का नाम कटवाने में जुटी है,जिस विशेष निगरानी रखने की जरूरत है।14,21 व 28 अक्टूबर को सारा कामकाज छोड़कर जनवरी में 18 वर्ष पूर्व किये लोगों का नाम बीएलओ से मिलकर जोड़वाने व मृतकों के नाम निकलवाने का आह्वान किया।सपा सबको साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। जो सामाजिक न्याय का विरोधी व सामंती विचारधारा का होगा,वह समाजवादी नहीं हो सकता। सांसद ने कहा जब से केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार बनी है, तब से पिछड़ों व दलितों को संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने व आरक्षण को निष्प्रभावी बनाने का षड़यंत्र किया जा रहा है।

उक्त आरोप लगाते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. नन्हकू यादव ने कहा कि एससी व एसटी को 1935 से ही भारतीय अधिनियम के तहत् जनसंख्यानुपाती आरक्षण की व्यवस्था की गई है। पिछड़े वर्ग की मण्डल कमीशन के तहत 52 प्रतिशत मानी गयी सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ी जातियों को इन्द्रा साहनी बनाम भारत सरकार के मामले में 9 जजों की संविधान पीठ के निर्णय के बाद 1992 से 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई। अभी तक वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत पिछड़ी जातियों को केन्द्रीय सेवाओं में मात्र 6.9 प्रतिशत ही प्रतिनिधित्व मिल पाया है, फिर भी लगभग 80 प्रतिशत पदों पर काबिज सामाजिक न्याया विरोधी तत्वों के पेट में दर्द उठ रहा है।
पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा ने कहा कि भाजपा पिछड़ी जातियों को तोडने व बांटने के लिए प्रतिदिन लखनऊ के विश्वैश्वरैया सभागार में जातिगत सम्मेलन करा रही है। जिसमें केशव प्रसाद मौर्य को आगे कर एक बार और पिछड़ों का नेता बनाने के काम में जुटी है ,लेकिन 2017 में आरएसएस व भाजपा के षड़यंत्र का शिकार हुए अतिपिछड़े व अतिदलित भाजपा के झांसे में नहीं आएंगे।
पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहा कि सपा, बसपा जातिगत सम्मेलन कराती तो जातिवाद होता, न्यायालय के निर्णय का उल्लंघन होता ,लेकिन भाजपा प्रतिदिन एक जाति का सम्मेलन करा रही है, तो यह न्यायालय का सम्मान व राम राज है। पूर्ववर्ती सरकार के हर काम मे भाजपाइयों को जातिवाद दिखता था,आज खुलकर जातिवाद हो रहा है,तो यह रामराज है।प्रदेश के मुख्यमंत्री का यह कहना कि देश-प्रदेश समाजवाद से नहीं रामराज से चलेगा,की कटुनिन्दा करते हुए कहा कि वही रामराज जिसमें अग्नि परीक्षा के बाद गर्भवती सीता को धोखे से जंगल मे छोड़ दिया गया और तपस्यारत शम्बूक की गर्दन शुद्र होने के कारण काट दिया गया।जब कोई चौकी इंचार्ज,दरोगा,सीओ, थानेदार होता था तो उसे अखिलेश, मुलायम का रिश्तेदार यादव लिखने के कारण कहा जाता था,तो अरबों लेकर भागने वाले नीरव मोदी व ललित मोदी नरेंद्र मोदी के रिश्तेदार क्यों नहीं हो सकते?

राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव व सपा ओरेटर चौ.लौटनराम निषाद ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग के आरक्षण व संवैधानिक अधिकारों की हकमारी करने वाली भाजपा को लोक सभा चुनाव-2019 मेंअतिपिछड़े व अतिदलित सबक सिखायेंगे। लोक सेवा आयोग इलाहाबाद द्वारा 86 में 56 यादव एस.डी.एम. बनाने का सपा सरकार पर झूठा आरोप लगा कर भाजपा व आर.एस.एस. ने गैर यादव पिछड़ी व दलित जातियों के मध्य यादव के विरूद्ध नफरत की भावना पैदा कर सपा से दूर कर दिया।
आज इस बात की सच्चाई जानने के बाद गैर यादव पिछड़े पछता रहे हैं। सपा सरकार में भाजपा को हर जगह जातिवाद व एक जाति विशेष का दखल दिखाई दे रहा था। लेकिन योगी सरकार में चैकी थाने से लेकर जिला व शासन-प्रशाासन तक दो जातियों का वर्चस्व कायम करा दिया गया है, पर ये अपने को रामराजी कहते हैं। सीएम बनते ही सीनियर जूडीशियरी में 61 में 52 सवर्ण जज बना दिये गये।

गोरखपुर विश्व विद्यालय मेें 71 एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर में 38 ठाकुर व 24 ब्राह्मण सहित 66 सवर्ण बना दिये गये। क्या यह जातिवाद नहीं तो और क्या है ? पिछड़े व दलित भाजपा के असली चेहरे को पहचान गये हैं। उसके द्वारा ओबीस उसके द्वारा ओबीसी, एससी व एसटी की जातियों का अलग-अलग सम्मेलन कराने से अब उसके बहकावे में नहीं आयेंगे। अब पिछड़े समझ गये है कि मण्डल कमीशन का विरोध करने वाली भाजपा पिछड़ों के लिए खलनायक है। हिन्दु व हिन्दुत्व पिछड़ों दलितों को बेवकूफ बनाने का हथियार है।

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