मथुरा की होली ,
मथुरा यूपी मथुरा ,देशी व विदेशी भक्त बनें इस अलौकिक क्षणो के गवाह
चारो दिशाओं से उड़ता अमीर गुलाल एक दूसरे पर फिकता पानी टेसू के फूलों के रंगों की बौछार हाथो में बाल्टी लेकर गोपियों को रसिया गाकर रिझाते गोप ओर कपड़ा फाड़ कर कोड़ो बना कर गोपिकाओं का गोपो पर प्रहार इस हुरंगा की विशेषता है ।

यह होली हुरंगा के नाम से जानी जाती है । क्योंकि कृष्ण के बड़े भाई दाऊजी के साथ इस होली को खेला जाता है ।

इस दिन की मान्यता , जब भगवान कृष्ण और उनके सखा बड़ी भाभी से हंसी और टिटौली (मज़ाक) करते थे तो उनकी भाभी और सभी सखियों ने मिल कर कृष्ण ओरं उनके  सखाओ के कपड़े फाड़ कर उनके कोड़े बना कर भगवान कृष्ण और सभी सखाओं की कोडो  की मार कर होली खेली थी ,तब से लेकर आज तक उसी परंपरा के चलते यहां हुरियारो का कुर्ता फाड़  और उसका कोड़ा बनाकर उसी कोड़े से हुरियारे में मार कर होली खेली जाती है । जिसे कुर्ता फाड़ हुरंगा और कोड़े मार हुरंगा भी कहा जाता है ।

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