दहेज कुप्रथा के खिलाफ यूपी की राज्यपाल ने कही ये बात

कानपुर। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी में दीक्षा समारोह को संबोधित करने के बाद राज्यपाल सीएसए पहुंची। यहां आयोजित कृषक महिला सशक्तिकरण खाद्य एवं पोषण सुरक्षा व ग्राम्य समृद्धि संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने सभा को संबोधित किया। महिलाओं की शारीरिक सुदृढ़ता पर जोर देते उन्होंने कहा कि मैं आप सभी लोगों को धन्यवाद देती हूं, जो कि कृषि के क्षेत्र में अपना समय दे रही हैं। आप किसी भी क्षेत्र से हों, लेकिन बेटियों को पढ़ना जरूरी है। यह सभी को संकल्प लेना है। अगर कोई घटना होती है तो वह अपने पैरों पर खड़े हो सकती हैं। बच्चे, बेटियां कुपोषण का शिकार हैं। महिला शारीरिक रूप से सशक्त नहीं हैं। उनके बच्चे भी कमजोर हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी की सुविधा है, लेकिन अब तक सभी लोग इसका फायदा नहीं उठा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान कानपुर देहात के अनूपपुर गांव की दस महिलाओं को सिलाई मशीन दी गई।

स्वास्थ्य सेवाओं में मदद कर रहीं महिलाओं की सराहना करते हुए राज्यपाल बोलीं कि गांव में कोई बच्चा कुपोषित या टीबी की समस्या से ग्रसित है, उनकी आंगनबाड़ी के सहयोग से देखभाल कर सकते हैं। गाय जब बछड़े को जन्म देती है वह तुरंत मां का दूध पीता है। घरों में भी बच्चों को जन्म के तुरंत बाद दूध पिलाना चाहिए। इससे उसको कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है।

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