जनपद हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में मनाया गया हिन्दी दिवस

प्रतापगढ़ (आरएनएस ),स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व साहित्य महारथी डॉ. राजेश्वर सहाय त्रिपाठी द्वारा स्थापित ‘जनपद हिंदी साहित्य सम्मेलन’ के तत्वावधान में आज ‘हिन्दी दिवस समारोह’ त्रिपाठी निकेतन सदर बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए  मनाया गया ।

जिसमें उपस्थित विद्वान वक्ताओं ने हिन्दी भाषा के उत्थान के लिए अपने-अपने विचार व्यक्त किये । मंत्री अनिल प्रताप त्रिपाठी ‘प्रवात’ के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता पं. कृपा शंकर ओझा व संचालन डॉ. अमित पाण्डेय ने किया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार दयाशंकर शुक्ल हेम व विशिष्ट अतिथि द्वय डॉ. संगम लाल त्रिपाठी भंवर व डॉ. अर्चना शुक्ला रहीं । कार्यक्रम के उद्घाटन अतिथि पूर्व प्रबन्धक विजय प्रताप त्रिपाठी व समापन अतिथि कमलेश पाण्डेय रहे । अतिथियों ने मां सरस्वती व पंडित जी की चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया, और नवोदित कवयित्री सपना मिश्रा ने माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया । प्रधानाचार्य शशिभाल त्रिपाठी ने आये हुए अतिथियों के प्रति स्वागत भाषण प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि दयाशंकर शुक्ल हेम ने कहा कि देश व्यापकता के लिहाज से हिंदी के अलावा कोई विदेशी भाषा हमारी राष्ट्रभाषा नहीं बन सकती । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए हम सब को आगे आना होगा । विशिष्ट अतिथि डॉ. भंवर ने कहा कि हिन्दी एक ऐसी भाषा है जो हमारे मन को गर्व से भर देती है, यह केवल राष्ट्रभाषा ही नहीं बल्कि हम हिन्दुस्तानियों की पहचान है । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पंडित कृपा शंकर ओझा ने कहा कि देश का हर नागरिक हिन्दी भाषा को समझता और बोलता है । आधुनिक युग में विश्व से जुड़ने के लिए अन्य भाषाओं का ज्ञान जरूरी तो है, लेकिन हमें अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी को कभी भूलना नहीं चाहिए । इस दौरान संयोजक व अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से डॉ. विनोद दुबे व डॉ. अर्चना शुक्ला का सारस्वत अभिनन्दन किया गया, औऱ काव्य सागर साहित्यिक पटल के संस्थापक व युवा कवि सचिन मिश्र “सागर” का साहित्यिक नामकरण भी किया गया ।कार्यक्रम को सम्पादक डॉ. अनूप पाण्डेय, संजय  द्विवेदी, वरिष्ठ साहित्यकार गजेन्द्र सिंह विकट, मीरा त्रिपाठी, श्याम शंकर द्विवेदी ‘श्याम’ शेष नारायण दूबे राही, विनय शुक्ला, कल्पना तिवारी, अरुण प्रताप त्रिपाठी आआदि ने सम्बोधित किया ।कार्यक्रम के अंत में संयोजक व मंत्री जनपद हिन्दी साहित्य सम्मेलन अनिल प्रताप त्रिपाठी ‘प्रवात’ ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया । इस दौरान लक्ष्मी कांत पाण्डेय, अवनीश त्रिपाठी, अरुण त्रिपाठी, अशोक यादव, सुरेश मिश्रा, अंकित त्रिपाठी, भोला नाथ पाण्डेय सहित तमाम साहित्य प्रेमी मौजूद रहे ।

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