बेंगलुरु)महिला हॉकी को पुरुष हॉकी के बराबर महत्व मिल रहा है: रानी


बेंगलुरु,31 अगस्त । भारतीय नाहिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने शनिवार को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किये जाने के बाद कहा कि वर्तमान में महिला हॉकी को पुरुष हॉकी के बराबर महत्व दिया जा रहा है जो दिखाता है कि खेल सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।


रानी ने कहा, मेरे करियर की शुरुआत से अब तक महिला हॉकी में बहुत कुछ अच्छे बदलाव हुये हैं। जब मैंने खेलना शुरू किया था तब महिला हॉकी टीम बहुत कम टूर्नामेंट खेला करती थी। हम ज्यादातर कॉमनवेल्थ गेम और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट ही खेला करते थे लेकिन अब बहुत कुछ बदल गया है।
उन्होंने कहा, हॉकी इंडिया और प्रबंधन यह सुनिश्चित करता है कि हम वर्ष में अधिक टूर्नामेंट खेलें। अधिक टूर्नामेंट खेलने के कारण पिछले कुछ वर्षों में हमारे प्रदर्शन में बहुत सुधार हुआ है और इससे महिला हॉकी को लोकप्रिय होने में मदद मिली है।
रानी प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी हैं। वह हॉकी में धनराज पिल्लै और सरदार सिंह के बाद इस पुरस्कार को पाने वाली तीसरी खिलाड़ी बनी हैं।
रानी ने कहा, जब से मेरा नाम खेल रत्न पुरस्कार के लिए आधिकारिक तौर पर घोषित हुआ तब से मैं अपनी अब तक की यात्रा पर विचार कर रही हूं और मुझे इस बात की खुशी है कि महिला हॉकी को पुरुष हॉकी के बराबर महत्व मिल रहा है। एक महिला खिलाड़ी को सर्वोच्च पुरस्कार दिया जाना निश्चित तौर पर यह दिखाता है कि खेल सही दिशा में बढ़ रहा है।

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