Parliament Live: 370 नहीं होता तो 41 हजार लोग नहीं मारे गए होते- अमित शाह

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ई दिल्‍ली,जीएनएस Article 370 विपक्ष के हंगामे के बीच राज्‍य सभा में गृहमंत्री अमित शाह ने जम्‍मू-कश्‍मीर के लिए सोमवार को ऐतिहासिक बदलाव की पेशकश की। उन्‍होंने यहां से अनुच्‍छेद 370 व 35(ए) हटाने की सिफारिश की। इसके अनुसार, जम्‍मू-कश्‍मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। लद्दाख भी अलग केंद्र शासित प्रदेश बनेगा। जम्‍मू कश्‍मीर पुनर्गठन विधेयक को लोकसभा में मंगलवार को पेश किया जाएगा। वहीं लोकसभा में आज ट्रांसजेंडर (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2019 पारित कराया गया।

राष्ट्रपति शासन के बाद वहां चुनाव हुए और आज 40 हजार पंच-सरपंच वहां के विकास में योगदान दे रहे हैं। 40 हजार पंच-सरपंच का अधिकार 70 साल तक जम्मू कश्मीर के लोगों से ले लिया। इसका जिम्मेदार है अनुच्छेद 370 था- अमित शाह

– आर्टिकल 370 के कारण जम्मू कश्मीर में कभी भी लोकतंत्र प्रफुल्लित नहीं हुआ। आर्टिकल 370 और 35A के कारण भ्रष्टाचार फला-फूला, पनपा और चरम सीमा पर पहुंचा। आर्टिकल 370 और 35A के कारण ही गरीबी घर कर गई- अमित शाह

– आर्टिकल 370 अस्थाई था और इसे कभी न कभी हटना था, लेकिन पिछली सरकारों ने वोट बैंक के लिए इसे हटाने की हिम्मत नहीं की। कैबिनेट ने आज हिम्मत दिखाकर और जम्मू कश्मीर के लोगों के हित के लिए यह फैसला लिया है- अमित शाह

– मैं आज सदन के सामने जम्मू कश्मीर को लेकर ऐतिहासिक संकल्प और बिल लेकर उपस्थित हुआ हूं। मैं सदन के सामने स्पष्ट करना चाहता हूं कि जम्मू कश्मीर में एक लंबे रक्तपात भरे युग का अंत धारा 370 हटने के बाद होने जा रहा है- अमित शाह 

– हम धर्म की राजनीति में विश्वास नहीं करते, वोटबैंक की राजनीति क्या है? कश्मीर में केवल मुसलमान रहते हैं? आप क्या कहना चाहते हैं? मुस्लिम, हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध सभी वहां रहते हैं। यदि 370 अच्छा है तो यह सभी के लिए अच्छा है, यदि यह बुरा है तो यह सभी के लिए बुरा है- राज्यसभा में अमित शाह


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