बाइडेन ने पेंटागन की टास्क फोर्स बनाई, बीजिंग को उसकी हर हरकत का माकूल जवाब दिया जाएगा

Image result for Biden sets up Pentagon task force, Beijing will be given a proper response to its actions

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन की साजिशों से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी शुरू कर दी है। बाइडेन ने बुधवार रात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की। फोन पर हुई इस बातचीत में बाइडेन के तेवर तीखे रहे। उन्होंने हर वो मुद्दा उठाया जो चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। इसमें हॉन्गकॉन्ग और उईगर मुस्लिम जैसे मुद्दे भी शामिल है।

अब बाइडेन ने एक नया कदम उठाया है। ‘defensenews.com’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन ने अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के एक्सपर्ट्स की एक टीम बनाई है जो चीन से निपटने के प्लान पर स्ट्रैटेजी तैयार करेगी।

अब चीन को हर एक्शन का रिएक्शन मिलेगा
रिपोर्ट के मुताबिक, न सिर्फ सिर्फ बाइडेन, बल्कि अमेरिकी विदेश विभाग ने भी चीन को बता दिया है कि उसकी धमकाने या दबाव डालने वाली हर हरकत का उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। पेंटागन की स्पेशल टास्क फोर्स इस पर रिपोर्ट कर रही है और यही स्ट्रैटेजी भी बनाएगी। इस पर अमेरिकी सेनाएं अमल करेंगी।

दुनिया के कई देशों में चीन कर्ज के जरिए छोटे देशों को दबाव में लाता है और फिर वहां अपनी मनमानी करता है। अमेरिका ने इस खेल को अब खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस ने कहा- हम अमेरिकी जनता की भावनाएं समझते हैं। चीन को अब जवाब दिया जाएगा। उससे मुकाबला करने की जरूरत है।

नई टीम बनाने के मायने क्या
बाइडेन ने सत्ता संभालने के बाद सिर्फ दो स्पेशल टास्क फोर्स बनाई हैं। पहली- कोरोनावायरस के खिलाफ स्ट्रैटेजी तैयार कर रही है। दूसरी- चीन से निपटने का प्लान और इस पर अमल की स्ट्रैटेजी तैयार करेगी। बाइडेन ने कहा- चीन हमारी तकनीक और सेनाओं के खिलाफ काफी कुछ कर रहा है। इससे निपटा जाएगा। बहरहाल, चीन से निपटने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने के सीधा मतलब है कि दुनिया में जहां भी चीन छोटे देशों या संगठनों को धमकाएगा, वहां अमेरिकी फौजें उसका इंतजार कर रही होंगी। साउथ चाइना सी में चीन को जवाब देने के लिए बाइडेन ने पहले ही दो वॉरशिप भेज दिए हैं।

टकराव के मुद्दों पर बातचीत
CNN के मुताबिक, राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडेन और जिनपिंग के बीच पहली बातचीत में कई मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें दोनों देशों के आपसी सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन ने हॉन्गकॉन्ग में चीन के अड़ियल रवैये पर चिंता जाहिर की और वहां हालात सुधारने पर जोर दिया। खास बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर शिनजियांग प्रांत में उईगर मुस्लिमों को प्रताड़ित किए जाने का मुद्दा भी उठा दिया। हाल ही में बीबीसी ने एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए वहां के हालात पर एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें उईगर समुदाय की महिलाओं के साथ होने वाले जुल्म को बयां किया गया था।

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