कंटेंट के लिए सरकार ने जारी की गाइडलाइंस, उम्र की 5 केटेगरीज़ में करना होगा कंटेंट का वर्गीकरण

ओटीटी कंटेंट को लेकर लगातार विवाद हो रहा है। फोटो- इंस्टाग्राम

ओटीटी कंटेंट को लेकर बढ़ती शिकायतों के मद्देनज़र केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका पालन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को करना होगा। ओटीटी कंटेंट की सेंसरशिप के बारे में सरकार फ़िलहाल नहीं सोच रही है, लेकिन कंटेंट पर प्लेटफॉर्म्स को सेल्फ़ रेग्यूलराइज़ेशन यानी स्व-नियमन करना होगा। 

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ओटीटी कंटेंट को लेकर बनायी गाइडलाइंस की जानकारी दी। जावड़ेकर ने कहा- प्रेस (प्रिंट) वालों को प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के कोड का पालन करना पड़ता है। टीवी में काम करने वालों को प्रोग्राम कोड का पालन करना होता है, लेकिन डिजिटल मीडिया पोर्टल पर ऐसा कोई बंधन नहीं है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए भी ऐसी कोई रोक नहीं है। सभी मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए समान नियम होने चाहिए। सभी को एक प्रक्रिया बनानी होगी।

दोनों सदनों में पूछे गये 50 से अधिक सवाल

प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इसको लेकर तमाम लोगों ने मांग की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दोनों सदन में 50 प्रश्न पूछे गये। देश में इसकी बहुत चर्चा हो रही है। हमने दिल्ली, चेन्नई और मुंबई में विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म के अधिकारियों के साथ चर्चा की। दिल्ली में दो मीटिंग बुलाई गयीं। पहली मीटिंग में ओटीटी के स्व-नियमन के लिए कहा। मगर नहीं हुआ। दूसरी मीटिंग में फिर 100 दिनों में सेल्फ़ रेग्युलेट करने के लिए प्रक्रिया बनाने के लिए कहा, मगर नहीं बनायी गयी। फिर तय किया कि सभी मीडिया की संस्थागत प्रक्रिया होना चाहिए।

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